वायु में मौजूद जलवाष्प की मात्रा को वायु की आर्द्रता (Humidity) कहा जाता है। वातावरण में जलवाष्प की मात्रा मौसम और तापमान के अनुसार बदलती रहती है। अधिक आर्द्रता होने पर मौसम उमस भरा महसूस होता है, जबकि कम आर्द्रता होने पर हवा शुष्क लगती है।
वायु की आर्द्रता किसमें मापी जाती है?
वायु की आर्द्रता को मापने के लिए हाइग्रोमीटर (Hygrometer) नामक यंत्र का उपयोग किया जाता है। आर्द्रता को सामान्यतः प्रतिशत (%) में व्यक्त किया जाता है।
उदाहरण के लिए, यदि किसी स्थान की सापेक्ष आर्द्रता 70% है, तो इसका अर्थ है कि उस तापमान पर हवा में अपनी अधिकतम जलवाष्प धारण क्षमता का लगभग 70% जलवाष्प मौजूद है।
आर्द्रता मापने का यंत्र
हाइग्रोमीटर आर्द्रता मापने का प्रमुख यंत्र है। इसके अलावा साइक्रोमीटर (Psychrometer) का भी उपयोग वायु की आर्द्रता मापने के लिए किया जाता है। साइक्रोमीटर में सामान्यतः शुष्क और नम बल्ब वाले थर्मामीटर का प्रयोग किया जाता है।
आर्द्रता के प्रमुख प्रकार
वायु की आर्द्रता को मुख्य रूप से तीन प्रकारों में समझा जाता है:
- निरपेक्ष आर्द्रता – एक निश्चित आयतन की हवा में मौजूद जलवाष्प की वास्तविक मात्रा।
- सापेक्ष आर्द्रता – हवा में मौजूद जलवाष्प की मात्रा और उसी तापमान पर हवा की अधिकतम जलवाष्प धारण क्षमता का अनुपात, जिसे प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है।
- विशिष्ट आर्द्रता – नम हवा के कुल द्रव्यमान में जलवाष्प के द्रव्यमान का अनुपात।
निष्कर्ष
वायु की आर्द्रता मौसम और जलवायु का एक महत्वपूर्ण तत्व है। इसे मापने के लिए मुख्य रूप से हाइग्रोमीटर का प्रयोग किया जाता है और सापेक्ष आर्द्रता को प्रतिशत (%) में मापा जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं में भी इससे संबंधित प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं।
( NO MISTAKE )













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