उत्तल लेंस (Convex Lens) एक ऐसा पारदर्शी लेंस है जो बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है। यह प्रकाश की किरणों को अपवर्तन के बाद एक बिंदु की ओर मोड़ता है। इसी कारण इसे अभिसारी लेंस (Converging Lens) भी कहा जाता है।
उत्तल लेंस की बनावट
उत्तल लेंस सामान्यतः काँच या पारदर्शी प्लास्टिक से बना होता है। इसका मध्य भाग उभरा हुआ होता है और दोनों किनारे अपेक्षाकृत पतले होते हैं।
उत्तल लेंस कैसे काम करता है?
जब प्रकाश की समानांतर किरणें उत्तल लेंस से होकर गुजरती हैं, तो लेंस उन्हें अपवर्तित करके एक बिंदु पर एकत्र करता है। इस बिंदु को मुख्य फोकस (Principal Focus) कहते हैं।
लेंस के केंद्र से मुख्य फोकस तक की दूरी को फोकस दूरी (Focal Length) कहा जाता है।
उत्तल लेंस के उपयोग
उत्तल लेंस का उपयोग कई उपकरणों में किया जाता है, जैसे—
- कैमरा
- माइक्रोस्कोप
- दूरबीन
- प्रोजेक्टर
- आवर्धक काँच
- चश्मे के कुछ विशेष प्रकार
उत्तल लेंस की विशेषताएँ
- यह बीच में मोटा और किनारों पर पतला होता है।
- यह प्रकाश किरणों को अभिसरित करता है।
- इसकी फोकस दूरी धनात्मक मानी जाती है।
- यह वस्तु की स्थिति के अनुसार वास्तविक या आभासी प्रतिबिंब बना सकता है।
निष्कर्ष
उत्तल लेंस प्रकाश के अपवर्तन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। इसका मुख्य कार्य प्रकाश की किरणों को एक बिंदु की ओर अभिसरित करना है। कैमरा, माइक्रोस्कोप और प्रोजेक्टर जैसे अनेक वैज्ञानिक उपकरणों में इसका महत्वपूर्ण उपयोग होता है।
( NO MISTAKE )













Leave a Reply