सर्वप्रथम पृथ्वी की परिधि और त्रिज्या को किसने मापा?

Sarvapratham Prithvi Ki Paridhi Aur Trijya

पृथ्वी की परिधि और त्रिज्या को सबसे पहले मापने का श्रेय यूनानी गणितज्ञ और खगोलशास्त्री एरैटोस्थनीज (Eratosthenes) को दिया जाता है। उन्होंने लगभग 240 ईसा पूर्व पृथ्वी की परिधि का अनुमान लगाया था।

एरैटोस्थनीज ने मिस्र के साइने (Syene) और अलेक्जेंड्रिया (Alexandria) शहरों में सूर्य की किरणों के कोण में अंतर का अध्ययन किया। उन्होंने इस अंतर और दोनों शहरों के बीच की दूरी का उपयोग करके पृथ्वी की पूरी परिधि की गणना की।

उनकी गणना के अनुसार पृथ्वी की परिधि लगभग 39,375 किलोमीटर थी, जबकि आधुनिक माप के अनुसार भूमध्य रेखा पर पृथ्वी की परिधि लगभग 40,075 किलोमीटर है। उस समय के साधनों को देखते हुए यह बेहद सटीक गणना थी।

पृथ्वी की परिधि ज्ञात होने के बाद उसकी त्रिज्या भी गणितीय सूत्र C = 2πr की सहायता से निकाली जा सकती है। इस प्रकार एरैटोस्थनीज को पृथ्वी के आकार को वैज्ञानिक तरीके से मापने वाले प्रथम विद्वानों में प्रमुख स्थान प्राप्त है।

निष्कर्ष

सर्वप्रथम पृथ्वी की परिधि और त्रिज्या को मापने का श्रेय एरैटोस्थनीज को दिया जाता है। उनकी यह खोज प्राचीन विज्ञान और गणित की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक मानी जाती है।

( NO MISTAKE )

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