चेन्नई, 16 अगस्त 2026: सार्वजनिक क्षेत्र का इंडियन बैंक कारोबार विस्तार के लिए इस सप्ताह बाह्य वाणिज्यिक उधारी (ECB) के जरिए 40 करोड़ डॉलर जुटाने की तैयारी में है। बैंक के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (MD & CEO) बिनोद कुमार ने यह जानकारी दी।
40 करोड़ डॉलर जुटाने की योजना
बिनोद कुमार के अनुसार, बैंक ECB के रास्ते करीब 400 मिलियन डॉलर जुटा सकता है। बैंक को उम्मीद है कि यह राशि प्रतिस्पर्धी दर पर उपलब्ध होगी। इस फंड का इस्तेमाल बैंक के कारोबार को बढ़ाने और उसकी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा।
ECB यानी External Commercial Borrowing के माध्यम से भारतीय कंपनियां और बैंक विदेशों से विदेशी मुद्रा में कर्ज जुटाते हैं। इससे संस्थानों को अंतरराष्ट्रीय बाजार से पूंजी प्राप्त करने का विकल्प मिलता है।
दिसंबर तक 60 करोड़ डॉलर और जुटाने की संभावना
इंडियन बैंक की योजना केवल 40 करोड़ डॉलर तक सीमित नहीं है। बैंक के एमडी बिनोद कुमार ने बताया कि दिसंबर 2026 तक बैंक अतिरिक्त 60 करोड़ डॉलर ECB के जरिए जुटाने पर भी विचार कर रहा है। इस तरह बैंक की कुल ECB जुटाने की योजना करीब 1 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।
भारतीय रिजर्व बैंक की विशेष रियायती स्वैप सुविधा के कारण बैंकों के लिए विदेशी मुद्रा में उधारी जुटाने की लागत को प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिली है। RBI ने बैंकों के लिए कम से कम तीन साल की अवधि वाली कुछ विदेशी मुद्रा उधारी पर रियायती स्वैप सुविधा उपलब्ध कराई थी।
FCNR(B) जमा से भी पैसा जुटाने का लक्ष्य
इंडियन बैंक विदेशी मुद्रा जुटाने के लिए केवल ECB पर निर्भर नहीं है। बैंक FCNR(B) यानी Foreign Currency Non-Resident (Bank) जमा के जरिए भी बड़ी राशि जुटाने की योजना बना रहा है।
बैंक ने FCNR(B) जमा के माध्यम से करीब 2 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा है। अगस्त के मध्य तक बैंक इस माध्यम से लगभग 1.3 अरब डॉलर जुटा चुका था।
कारोबार विस्तार में मिलेगी मदद
विदेशी मुद्रा के रूप में मिलने वाली अतिरिक्त पूंजी से इंडियन बैंक को अपने कारोबार और ऋण गतिविधियों को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। बैंक का लक्ष्य जमा और ऋण दोनों में संतुलित वृद्धि बनाए रखना है।
बैंक के प्रबंधन ने पहले भी कहा है कि वह कारोबार बढ़ाने के साथ-साथ मार्जिन और फंडिंग लागत पर भी नजर रखेगा। ऐसे में ECB और FCNR(B) के जरिए जुटाई जाने वाली राशि बैंक की फंडिंग जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
भारतीय बैंकिंग क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण
इंडियन बैंक की यह योजना ऐसे समय में सामने आई है जब भारतीय रिजर्व बैंक विदेशी मुद्रा प्रवाह बढ़ाने के लिए कई उपाय कर रहा है। RBI की विभिन्न सुविधाओं के चलते हाल के महीनों में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में भी मजबूत वृद्धि देखी गई है। 7 अगस्त 2026 तक भारत का विदेशी मुद्रा भंडार करीब 707 अरब डॉलर पहुंच गया था।
कुल मिलाकर, इंडियन बैंक की 40 करोड़ डॉलर की ECB योजना उसके कारोबार विस्तार और विदेशी मुद्रा फंडिंग रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि दिसंबर तक अतिरिक्त 60 करोड़ डॉलर भी जुटाए जाते हैं, तो बैंक की कुल ECB फंडिंग करीब 1 अरब डॉलर हो सकती है।
( NO MISTAKE )













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