गैस वेल्डिंग एक ऐसी वेल्डिंग प्रक्रिया है, जिसमें धातुओं को गर्म करके आपस में जोड़ा जाता है। इसमें गर्मी पैदा करने के लिए गैस की लौ का उपयोग किया जाता है। गैस वेल्डिंग में सबसे अधिक ऑक्सीजन और एसीटिलीन गैस का मिश्रण इस्तेमाल किया जाता है।
गैस वेल्डिंग में कौन-सी गैसें उपयोग होती हैं?
गैस वेल्डिंग में मुख्य रूप से दो गैसों का प्रयोग होता है:
1. ऑक्सीजन (Oxygen):
ऑक्सीजन दहन को तेज करती है और गैस की लौ को अधिक गर्म बनाने में मदद करती है।
2. एसीटिलीन (Acetylene):
एसीटिलीन एक ज्वलनशील गैस है। जब इसे ऑक्सीजन के साथ जलाया जाता है, तो बहुत अधिक तापमान वाली लौ उत्पन्न होती है। इसका उपयोग धातुओं को पिघलाने और जोड़ने के लिए किया जाता है।
ऑक्सीजन और एसीटिलीन से बनने वाली लौ को ऑक्सी-एसीटिलीन लौ (Oxy-Acetylene Flame) कहा जाता है।
गैस वेल्डिंग में अन्य गैसें
कुछ परिस्थितियों में एसीटिलीन की जगह LPG, प्रोपेन या हाइड्रोजन जैसी गैसों का भी उपयोग किया जा सकता है। हालांकि, सामान्य गैस वेल्डिंग के लिए ऑक्सीजन-एसीटिलीन संयोजन काफी प्रचलित है।
निष्कर्ष
गैस वेल्डिंग में सबसे सामान्य रूप से ऑक्सीजन और एसीटिलीन गैस का उपयोग किया जाता है। दोनों गैसों के मिश्रण से तेज और गर्म लौ प्राप्त होती है, जिससे धातुओं को गर्म करके आसानी से जोड़ा जा सकता है।
( NO MISTAKE )













Leave a Reply