भारत की मुद्रा भारतीय रुपया (Indian Rupee) है और इसका प्रतीक चिह्न “र” है। यह चिह्न आज भारत की आर्थिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है।
“र” का प्रतीक चिह्न किसने डिजाइन किया?
भारतीय रुपये के प्रतीक चिह्न “र” को डी. उदय कुमार (D. Udaya Kumar) ने डिजाइन किया था। वे IIT बॉम्बे से डिजाइन में स्नातकोत्तर हैं। उनके डिजाइन को सरकार द्वारा आयोजित एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता में चुना गया था।
रुपये का प्रतीक चिह्न कब अपनाया गया?
भारत सरकार ने 15 जुलाई 2010 को भारतीय रुपये के नए प्रतीक चिह्न को मंजूरी दी थी। इस प्रतियोगिता में 3,000 से अधिक प्रविष्टियां प्राप्त हुई थीं, जिनमें से उदय कुमार के डिजाइन को सर्वश्रेष्ठ चुना गया।
“र” चिह्न का क्या मतलब है?
“र” का डिजाइन देवनागरी के ‘र’ और अंग्रेजी के बड़े अक्षर ‘R’ का मिश्रण है। इसके ऊपर बनी दो क्षैतिज रेखाएं भारतीय तिरंगे की भावना और बराबर (=) के चिह्न का संकेत देती हैं।
इसका महत्व
रुपये के लिए एक अलग प्रतीक चिह्न होने से भारतीय मुद्रा को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान मिली। इससे रुपये को डॉलर ($), यूरो (€), पाउंड (£) और येन (¥) जैसी प्रमुख मुद्राओं की तरह एक विशिष्ट प्रतीक मिला।
निष्कर्ष
इस प्रकार, भारतीय मुद्रा के प्रतीक चिह्न “र” को डी. उदय कुमार ने डिजाइन किया था। उनके डिजाइन को एक राष्ट्रव्यापी प्रतियोगिता के माध्यम से चुना गया और 15 जुलाई 2010 को केंद्र सरकार ने इसे मंजूरी दी।
(NO MISTAKE)













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