सही उत्तर: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences)
भारत सरकार ने देश को “Weather Ready” और “Climate Smart” बनाने के उद्देश्य से मिशन मौसम (Mission Mausam) की शुरुआत की। यह पहल मुख्य रूप से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) द्वारा लागू की जा रही है।
मिशन मौसम क्या है?
मिशन मौसम भारत की मौसम और जलवायु संबंधी पूर्वानुमान प्रणाली को आधुनिक और अधिक सटीक बनाने की एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल है। इसके माध्यम से मौसम की निगरानी, पूर्वानुमान और प्राकृतिक आपदाओं के लिए समय पर चेतावनी देने की क्षमता को मजबूत किया जा रहा है।
इस मिशन को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 11 सितंबर 2024 को मंजूरी दी थी। इसके लिए शुरुआती दो वर्षों के लिए 2,000 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया था। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 जनवरी 2025 को इसे लॉन्च किया।
मिशन मौसम के प्रमुख उद्देश्य
मिशन मौसम के तहत देश में मौसम पूर्वानुमान को बेहतर बनाने के लिए कई आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल हैं—
- मौसम निगरानी के लिए आधुनिक तकनीकों का विकास।
- नए और उन्नत डॉप्लर वेदर रडार तथा उपग्रह प्रणालियों का विस्तार।
- उच्च क्षमता वाले High Performance Computing (HPC) सिस्टम का उपयोग।
- मौसम और जलवायु के बेहतर मॉडल विकसित करना।
- Artificial Intelligence (AI) और Machine Learning (ML) का इस्तेमाल।
- चक्रवात, बाढ़, भारी बारिश और अन्य चरम मौसम घटनाओं की समय पर चेतावनी देना।
- किसानों और आम लोगों तक मौसम संबंधी जानकारी को तेजी से पहुंचाना।
कौन-कौन से संस्थान जुड़े हैं?
मिशन मौसम को मुख्य रूप से पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) और राष्ट्रीय मध्यम अवधि मौसम पूर्वानुमान केंद्र (NCMRWF) द्वारा लागू किया जा रहा है।
मिशन मौसम का महत्व
भारत में कृषि, परिवहन, विमानन, जल संसाधन और आपदा प्रबंधन जैसे कई क्षेत्र मौसम पर निर्भर हैं। ऐसे में सटीक मौसम पूर्वानुमान और समय पर चेतावनी से जान-माल के नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। मिशन मौसम का लक्ष्य इसी दिशा में भारत की मौसम संबंधी क्षमताओं को मजबूत करना है।
निष्कर्ष
मिशन मौसम को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) द्वारा लॉन्च और लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत को “Weather Ready” और “Climate Smart” राष्ट्र बनाना तथा मौसम एवं जलवायु पूर्वानुमान को अधिक सटीक और प्रभावी बनाना है।
परीक्षा के लिए याद रखें:
मिशन मौसम — पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
(NO MISTAKE)













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